देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले में गुरुवार को नगर पंचायत नंदानगर के कुंतारी लगफली (Kuntari Lagafali) वार्ड में बादल फटने से भारी तबाही हुई, जिससे छह इमारतें मलबे के नीचे दब गईं। इस प्राकृतिक आपदा में कुल 10 लोगों के लापता होने की खबर है। घटना की सूचना मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और जिला प्रशासन की टीमों को घटनास्थल पर भेजा गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Chief Medical Officer) ने तत्काल एक मेडिकल टीम और तीन 108 एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजीं। अधिकारियों ने बताया कि राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन बचाव और राहत कार्यों पर कड़ी नज़र रख रहा है। इलाके में दहशत का माहौल है क्योंकि आशंका जताई जा रही है कि और लोग मलबे में दबे हो सकते हैं।
#UttarakhandCloudburst: 5 missing, 6 buildings collapse in Chamoli; rescue operations on
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— The Times Of India (@timesofindia) September 18, 2025
लापता लोगों की सूची
कुंतरी लगफली (Kuntari Lagafali) में 8 और धूर्मा (Dhurma) में 2 लोग लापता बताए गए हैं। कुंतरी लगफली से लापता लोग इस प्रकार हैं:
- कुंवर सिंह (42),उनकी पत्नी कांता देवी (38) और उनके बेटे विकास और विशाल (दोनों 10 वर्ष)
- नरेंद्र सिंह (40)
- जगदंबा प्रसाद (70)
- भागा देवी (6)
- देवेश्वरी देवी (65)
पहले भी मची तबाही
इससे पहले मंगलवार को भी देहरादून और उत्तराखंड के कई अन्य हिस्सों में बादल फटने और रात भर मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। देहरादून और अन्य हिस्सों में हुई इन घटनाओं में 15 लोगों की मौत, 16 लापता और करीब 900 लोग फंसे थे। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) (Uttarakhand State Disaster Management Authority) ने बताया कि अकेले देहरादून में ही 13 लोगों की मौत हुई है। जबकि नैनीताल और पिथौरागढ़ में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है, और तीन लोग घायल हुए हैं।
खराब मौसम के बावजूद एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और अग्निशमन विभाग की बचाव टीमों ने लगभग सभी फंसे हुए लोगों को बचा लिया है।
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नदियाँ उफान पर
भारी बारिश के बाद अधिकांश नदियाँ उफान पर हैं। टौंस (Tons) (तमसा) नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया कि प्रसिद्ध टपकेश्वर मंदिर (Tapkeshwar Temple) और प्रवेश द्वार पर स्थित हनुमान प्रतिमा पानी में डूब गई है। मंदिर के पुजारी के अनुसार, यह बीते 20 वर्षों में सबसे ऊँचा जलस्तर है।
स्रोत (Source): timesofindia

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