भारत के कृषि उत्पाद लगातार वैश्विक बाज़ार में अपनी जगह बना रहे हैं। पहली बार उत्तराखंड के देहरादून के गढ़वाली सेब और कर्नाटक के जीआई-टैग इंडी लाइम (देसी नींबू) का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को किया गया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इस उपलब्धि की जानकारी इंस्टाग्राम पर साझा की। उन्होंने बताया कि पौड़ी, उत्तराखंड से 1.2 मीट्रिक टन सेब की पहली ट्रायल खेप दुबई भेजी गई है। तस्वीरों में लाल-लाल गढ़वाली सेब खूबसूरती से पैक किए हुए दिखाई दिए।

निर्यात के लाभों के बारे में उन्होंने कहा, “मांग बढ़ने से उत्तराखंड के किसानों को अपनी कड़ी मेहनत का अधिक लाभ मिलेगा।” इससे न केवल भारतीय कृषि की पहचान बढ़ेगी बल्कि किसानों को भी अधिक मुनाफा मिलेगा।
इंस्टाग्राम पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “Dehradun to Dubai“
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भारत अब अपने भौगोलिक संकेत (GI-Tag) वाले उत्पादों के निर्यात को भी लगातार बढ़ा रहा है। जीआई टैग उन उत्पादों को दिया जाता है जिनकी पहचान और खासियत उनके मूल क्षेत्र से जुड़ी होती है, जिससे उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रामाणिकता और मान्यता मिलती है।
इसी कड़ी में, पहली बार कर्नाटक के विजयपुरा से 3 मीट्रिक टन स्वदेशी इंडी लाइम (देसी नींबू) का निर्यात संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को किया गया है। यह नींबू अपनी तेज़ सुगंध और अनोखे स्वाद की वजह से खास पहचान रखता है।
इस उपलब्धि पर तस्वीरें साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने लिखा कि “कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) को इस पहली बार निर्यात को सफल बनाने के लिए बधाई।”
“उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि भारत के जीआई-टैग वाले कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक बाजारों में नए द्वार खोलेगी और किसानों व निर्यातकों को बेहतर अवसर प्रदान करेगी।”
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इसके अलावा, सरकार की एक ज़िला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के कारगिल से 1.5 मीट्रिक टन खुबानी का निर्यात सऊदी अरब, कुवैत और कतर जैसे देशों को किया गया है।
यह कदम भारत के कृषि क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
स्रोत (Source): NDTV










