दोस्तों यदि हमारे देश भारत में प्राकृतिक खूबसूरती की बात हो, तो हिमाचल प्रदेश का नाम उस लिस्ट में आपको जरूर देखने को मिलेगा। अक्सर घूमने के शौकीन लोग, सुकून की तलाश में, अक्सर नई-नई जगहों को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। मैने देखा है कि अब लोग सिर्फ शिमला, मनाली या धर्मशाला जैसे लोकप्रिय जगहों पर ही जाना पसंद नहीं करते, बल्कि देश की उन जगहों पर भी जाने का प्लान बनाते हैं, जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते। पिछले कुछ समय से हिमाचल के छोटे-छोटे गांव न्यू ट्रैवल हब बनते जा रहे हैं।
दोस्तों हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही हमारे मन्न (ज़हन) में घुमावदार पहाड़ी सड़कें, सेब के बाग और शांत वादियों की तस्वीर उभर आती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शिमला और मनाली की भीड़भाड़ से दूर, इस राज्य की असली खूबसूरती तो छुपी है उसके पहाड़ों पर बसे छोटे-छोटे गाँवों में?
अगर आप शांत और सुकून भरे पल को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, प्राकृतिक खूबसूरती को देखना चाहते हैं तो ये 3 गाँव आपकी लिस्ट में ज़रूर होने चाहिए। तो चलिए दोस्तों इन तीनो गावों को एक एक करके इनके बारे में जानते है।
कल्पा | Kalpa

कल्पा, हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले में स्थित है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता, सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। यह समुद्र तल से लगभग 2,960 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है।
क्यों जाएँ? | Key Highlights
- गोल्डन सनराइज/सनसेट: यहाँ सर्दियों में बर्फ से ढकी चोटियों पर पड़ती सुनहरी रोशनी का नज़ारा बहुत अद्भुत होता है जिसे देखने के लिए लोग यहाँ आते है।
- सेब के बाग: इसके आसपास के क्षेत्र सेब के बागानों के लिए बहुत प्रसिद्ध हैं।
- नारायण-नागिनी मंदिर: यहां का नारायण-नागिनी मंदिर खूबसूरत वास्तुकला को दर्शाता है।
- शांति: शहर की भागदौड़ से कोसों दूर, एकदम शांत और प्रदूषण-मुक्त वातावरण।
कैसे पहुँचें? कल्पा शिमला सड़क मार्ग से लगभग 219 से 225 किलोमीटर दूर है। और इसमें आपको लगभग 6-7 घंटे का समय लग सकता है।
छितकुल | Chitkul
यह हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में स्थित एक बहुत ही खूबसूरत गाँव है। जिसे भारत के सबसे ऊँचाई पर बसे सबसे खूबसूरत गाँवों में से एक माना जाता है। यहाँ से आप काज़ीगुड़ी, सांगला घाटी और मनाली भी जा सकते हैं।
क्यों जाएँ? | Key Highlights
- ‘इंडिया’ का आखिरी गाँव: भारत-तिब्बत बॉर्डर के पास होने का एक अलग ही एहसास होगा आपको।
- रोमांटिक एस्केप: इसे हिमाचल की सबसे रोमांटिक जगहों में गिना जाता है।
- हिमाचली जीवनशैली: यहां आपको हिमाचली जीवनशैली देखने जाना चाहिए।
- शुद्ध वातावरण: बर्फीले पहाड़, साफ नदी और हरे-भरे जंगलों के साथ-साथ सुकून के लिए यह जगह मानी जाती है।
कैसे पहुँचें? शिमला से छितकुल सड़क मार्ग से लगभग 242 – 262 किमी जिसमें आपक 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है अपनी खुद की कार या प्राइवेट कैब सबसे अच्छा विकल्प है।
मलाना (मलाणा) | Malana
कसोल के पास स्थित मलाणा हिमाचल प्रदेश का एक बेहद खास और रहस्यमयी गांव है। यहाँ की अपनी अलग संस्कृति, परंपराएँ और सामाजिक नियम इसे देश के सबसे रहस्यमयी गाँवों में से एक बनाते हैं। ऐसा माना जाता है कि यहाँ के लोग खुद को सिकंदर के वंशज मानते हैं! अगर आप हिमाचल के शांत इलाकों का अनुभव करना चाहते हैं, तो यह जगह आपको निराश बिकुल भि नहीं करेगी। इस गांव को भांग की उपज के लिए भी जाना जाता है।
क्यों जाएँ? | Key Highlights
- अनोखी संस्कृति: इसे भारत की सबसे पुरानी संस्कृति वाले गावों में से एक माना जाता है। दुनिया से बिकुल अलग-थलग एक अलग तरह की जीवनशैली यहां आपको देखने को मिलेगी।
- प्राकृतिक सुंदरता: हिमाचल की पहाड़ियों में बसे इस गाँव के चारों तरफ घने जंगल हैं। जहाँ आपको प्राकृतिक सुंदरता देखने को मिलेगी।
कैसे पहुँचें? यहाँ जंजैहली या कसोल से ट्रेक करके पहुँचा जाता है।
यात्रियों के लिए ज़रूरी सुझाव | Important tips for travelers
- पहाड़ों पर सफर करते समय हमेशा लोकल गाइड और मैप्स की मदद लें।
- मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए गर्म कपड़े और जरूरी दवाइयाँ साथ रखें।
- पहाड़ी रास्तों पर धीरे और सावधानी से गाड़ी चलाएँ।
- स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का सम्मान करें, वहाँ के नियमों का पालन ज़रूर करें।
- प्राकृतिक जगहों पर कचरा न फैलाएँ और स्वच्छता बनाए रखें।
- नेटवर्क समस्या हो सकती है, इसलिए ऑफ़लाइन मैप्स और इमरजेंसी नंबर पहले से सेव रखें।
निष्कर्ष | Conclusion
दोस्तों अगली बार जब भी आप हिमाचल जाने का प्लान बनाएँ, तो इन्हीं में से किसी गाँव में अपना होमस्टे बुक कर लें। यहाँ की सुबह चिड़ियों की चहचहाट के साथ होती है, दिन खूबसूरत नज़ारों के साथ बीतता है और रात तारों भरे आसमान के नीचे आप गुजार सकते है। ये वादा है एक ऐसे अनुभव का जो आपको हिमाचल की प्राकृतिक खूबसूरती का दीवाना बना देगा!
तो दोस्तों क्या आपने इनमें से किसी गाँव में visit किया है? यदि हाँ तो अपने अनुभव नीचे कमेंट में हमारे साथ ज़रूर शेयर करें! धन्यवाद्!

Pankaj Rawat is the founder of ‘Pahadi Suvidha’ and a content creator from Uttarakhand. Having grown up in the mountains, he shares his authentic experiences related to Pahari culture, cuisine, travel, and lifestyle. His objective is to provide people with authentic and useful information about Uttarakhand in both Hindi and English.
Through his content, he helps readers understand the traditional lifestyle of the mountains, healthy dietary habits, and places worth visiting. The primary focus of his work is on providing information that is practical, easy to understand, and grounded in his own personal experiences.










