उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन से गंगोत्री व यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग जगह-जगह से बाधित हो गए हैं। गंगोत्री हाईवे धरसू पुराना थाना (Dharasu Purana Thana)और सोनगाड़ (Sonagad) के पास बंद है, वहीं यमुनोत्री हाईवे कुथनौर (Kuthnaur) और नारदछट्टी (Naradchatti) के पास से आवागमन के लिए पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। उत्तरकाशी पुलिस के अनुसार, सुरक्षा दल और प्रशासन के कर्मचारी लगातार मलबा हटाने और सड़क को खोलने के लिए काम कर रहे हैं।

दब्राणी (Dabrani) हादसे में दो लोगों की मौत
बुधवार को गंगोत्री हाईवे के दब्राणी क्षेत्र में पहाड़ से अचानक मलबा गिरने से दो लोगों की दुखद मौत हो गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस घटना के संबंध में एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा,
डबरानी क्षेत्र (उत्तरकाशी) में गंगोत्री हाईवे पर पहाड़ से मलबा गिरने की घटना में दो लोगों के निधन का अत्यंत दुःखद समाचार प्राप्त हुआ।
ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगतों की आत्मा को श्रीचरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 19, 2025
“गंगोत्री हाईवे दब्राणी क्षेत्र (उत्तरकाशी) में पहाड़ से मलबा गिरने की घटना में दो लोगों की मृत्यु का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। मैं ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति एवं शोकाकुल परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूँ। ॐ शांति!”
धाराली–हर्षिल (Dharali Harsil) आपदा के बाद राहत कार्य जारी
हर्षिल-धराली क्षेत्र में 5 अगस्त को बादल फटने और प्राकृतिक आपदा से जन-जीवन पर गहरा असर पड़ा है। मुख्यमंत्री धामी के निर्देशन में जिला प्रशासन राहत एवं बचाव का कार्य कर रहा है। जिला अधिकारी प्रशांत आर्य स्वयं मौके पर जाकर क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने बीआरओ, लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियों को जल्द से जल्द सड़कें खोलने और लोगों की आवाजाही सुचारू करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
जनजीवन प्रभावित – प्रशासन कर रहा व्यवस्था
इस आपदा के चलते लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लेकिन प्रशासन लगातार राहत सामग्री, खाद्यान्न, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएँ और संचार व्यवस्था बहाल करने के प्रयास में जुटा हुआ है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने रविवार को गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के दब्राणी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हिस्सों का निरीक्षण कर कार्य की गति तेज करने के निर्देश भी दिए।
यह खबर सिर्फ एक सूचना नहीं, बल्कि पहाड़ की उन मुश्किल परिस्थितियों की झलक है जहाँ लोग हर रोज़ प्रकृति की चुनौती का सामना कर रहे हैं।










